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अगस्त 13, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रह जाने दो

नूर तुम्हारी आँखों का कम होता, हो जाने दो। मरते हैं मर जाने दो, खटते हैं खट जाने दो।। हर बार तुम्हारे बच्चों ने जान हमारे खातिर दी है। अब तुम मौतों का ये मसला भी रह जाने दो।। क्...