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फ़रवरी 4, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सियासत पहाड़ आएगी

फिर से सियासत पहाड़ चढ़ेगी, खाएगी, पीयेगी फिर उतर जाएगी। वो ही तन्हाई होगी हिस्से में अपने, जब सियासत मैदान लौट जाएगी।। ठगा है हर बार सियासत ने हमें, इस बार भी ठग के लौट जाएगी। क...