लापरवाह क्यूँ?

लापरवाह क्यूँ? ???????????


........अजीब सा लगता है सबको, जब कोई भी """"स्टेटस""""' पर ये देखते हैं। कई नजदीकी लोग पूछ भी लेते हैं, मैं मुस्करा देता हूँ बस टाल जाता हूँ### जबकि बात सिर्फ इतनी नहीं बात कई बरस के कड़वे और बुरे अनुभवों की है।

जीवन के कई पड़ावों पर ज़िम्मेदार और परवाह करने का दावा करने वाले लोगों को देखा, मगर ये सब सिर्फ बातों तक दिखा। तो काफी सोचने के बाद खुद को "'""""लापरवाह"'"''" कहने से सुकून मिलता है कि कम से कम कोई मेरे दावे को हवाई दावा नहीं कहेगा,,,,,,,,,,, झूठा नहीं कहेगा!!!!!!!!!

...........अच्छा भी लगता है जब कि बार साथी और सीनियर लापरवाह को पसंद करते हैं। या लापरवाही से कही लिखी बातों को पसंद करते हैं।। 


लापरवाह 

टिप्पणियाँ

  1. राज भई बिल्कुल सही नाम रखा है.....लापरवाह !!!
    जैसे की आज हम सब स्वार्थी हो गये है और खुद के परे कुछ नही सोच रहे है...पर कही ना कहीं हमारी ए सोच भी अधूरी है....अगर इंसान अपने परिवार और अपनी आने वाली पीढी के बारे मे भी सोच कर काम करे तो स्वतः ही समाज का भला हो जायेगा ....

    खैर आपके इस ब्लॉग के सहायता से हमारे जैसे कुछ लोगो को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और परवाह का बोध होता रहेगा|

    बहुत बहुत धन्यवाद..!!!

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