विकासवाद के नये पैक मैं, परिवर्तन का है युग आया।

विकासवाद के नये पैक मैं, परिवर्तन का है युग आया। 

पेड़ों कि झुरमुट सिमटी और कंक्रीट का जंगल उग आया। 
क्रांति हुई और अपनों से नाता टूट गया और हाथों में मोबाईल आया। 

विकासवाद के नये पैक मैं, परिवर्तन का है युग आया। 

धर्म ध्वजा के पोषक के कन्धों पर सवार हो कामदेव आया। 
और संत, फकीरों कि कुटिया से, काम शास्त्र का फतुआ आया। 

विकासवाद के नये पैक मैं, परिवर्तन का है युग आया। 



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