सड़क चाहिये.....
हर गांव,
को अब,
सड़क चाहिये।
अधूरी हो,
पूरी हो,
सड़क चाहिये।।
सूरत कोई हो,
सड़क चाहिये।।
कीमत कोई हो,
सड़क चाहिये।।
मानक सुरक्षा के
पूरे न हों,
मगर गांव तक
सड़क चाहिये।।
जान चाहे तेरी,
जोखिम में हो,
मगर
रसूख जताने को
सड़क चाहिये।।
मुझे क्या है मतलब,
तेरी जिंदगी से,
मुझे तो वोट पाने को
सड़क चाहिये।।
होगा कभी जो,
कोई हादसा,
मौके पे जाने को
सड़क चाहिये।।
बैठक में मैंने,
कहा जोर से,
कीमत कोई हो,
सड़क चाहिये।।
सड़क में हों गढ्डे,
या गढ्डों में सड़क हो,
मुझे तो बस,
सड़क चाहिये।।
नाली न हो,
चाहे पुस्ता न हो,
कहने हो पर,
सड़क चाहिये।।
न हो क्वालिटी,
चाहे सुरक्षा न हो,
मगर कहने भर को,
सड़क चाहिये।।
लुढ़क और भिड़क कर,
चले गाड़ियां,
या अंतिम सफर,
लगे गाड़ियां,
कोई भी हो कीमत,
मगर हर गांव,
को अब,
सड़क चाहिये।
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